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DEEPAK NIKUB


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कपडो पर बहस क्यों ?

Posted On: 14 Jan, 2017  
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इन्सान बनो…बहुत स्कोप हैं…

Posted On: 23 Feb, 2016  
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Hindi News Hindi Sahitya Politics social issues में

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मित्र; साधुवाद...! आपकी पीड़ा और आव्हान का सम्मान सभी को करना चाहिये ! मेरा भी प्रणाम ! सभी हिन्दू-हिन्दी हिन्दू हित चिन्तकों की तरह ये सभी मेरे चिन्तन में भी हैं.... रही हैं! विभिन्न माध्यमों पर मैंने भी प्रयास किये हैं.... एक दो आव्हान भी एक पूरा समूह ब्लाँग हिन्द-हिन्दी-हिन्दू हित को समर्पित है, फेसबुक पर- लेखन हिन्दुस्तानी समूह, जी प्लस पर -आइये साथ-साथ बढ़ें- में से एक दो आव्हान यहाँ उल्लेख योग्य है- 1- एक-एक कर अनेक सैनिक युद्ध में लड़कर केवल शहीद ही हो सकते हैं विजयश्री का वरण नहीं कर सकते... आइये! साथ-साथ अपनी हर जीत सुनिश्चित करें! 2- स्वयम् के हितचिंतक तो सभी, पशु भी, होते ही हैं.... स्वयं के साथ-साथ स्वजनों का हितचिंतन सामान्य मानवीय स्वभाव है! किन्तु जो सर्वजनहिताय चिंतन, मनन और कृत्य करते हैं वे महामानव कहलाने के वास्तविक अधिकारी हैं!!! और .... बहुत आसान है महामानव होने की ओर कदम बढ़ना !!! आईये साथ-साथ बढ़ें..... -सत्यार्चन- (यदि जाग._जन्. नीतियों के अनुसार उपरोक्त उल्लेख अनुचित प्रतीत हों तो कृपया प्रबंधन टिप्पणी को अनानुमत करें !) मेरे फेसबुक पर अनेक पेजेज और समूह संचालित हैं ... लगभग सभी का बिषय मुझसे / मेरे व्यक्तिगत हितों (परिचय तक से) असंबद्ध है ! मैं व्यक्तित्व रहित नहीं हूँ तो स्वार्थ रहित भी नहीं ही होऊँगा! पर मुझे लगता है कि सर्वजन हिताय चिंतन ही सर्वोत्तम स्वार्थ सिद्धि है! अगला ब्लाग इसी विषय पर ....

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